सुनत नीक आगें दुख पावा। सचिवन अस मत प्रभुहि सुनावा।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
सुनत नीक आगें दुख पावा। सचिवन अस मत प्रभुहि सुनावा।।
RCM 6.9.4
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
सुनत नीक आगें दुख पावा। सचिवन अस मत प्रभुहि सुनावा।।
RCM 6.9.4
सुनत नीक आगें दुख पावा। सचिवन अस मत प्रभुहि सुनावा।।