छुधा न रही तुम्हहि तब काहू। जारत नगरु कस न धरि खाहू।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
छुधा न रही तुम्हहि तब काहू। जारत नगरु कस न धरि खाहू।।
RCM 6.9.3
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
छुधा न रही तुम्हहि तब काहू। जारत नगरु कस न धरि खाहू।।
RCM 6.9.3
छुधा न रही तुम्हहि तब काहू। जारत नगरु कस न धरि खाहू।।