जौं पिय मानहु मोर सिखावन। सुजसु होइ तिहुँ पुर अति पावन।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
जौं पिय मानहु मोर सिखावन। सुजसु होइ तिहुँ पुर अति पावन।।
RCM 6.7.8
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
जौं पिय मानहु मोर सिखावन। सुजसु होइ तिहुँ पुर अति पावन।।
RCM 6.7.8
जौं पिय मानहु मोर सिखावन। सुजसु होइ तिहुँ पुर अति पावन।।