तासु भजन कीजिअ तहँ भर्ता। जो कर्ता पालक संहर्ता।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
तासु भजन कीजिअ तहँ भर्ता। जो कर्ता पालक संहर्ता।।
RCM 6.7.4
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
तासु भजन कीजिअ तहँ भर्ता। जो कर्ता पालक संहर्ता।।
RCM 6.7.4
तासु भजन कीजिअ तहँ भर्ता। जो कर्ता पालक संहर्ता।।