सुत कहुँ राज समर्पि बन जाइ भजिअ रघुनाथ।।6।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
सुत कहुँ राज समर्पि बन जाइ भजिअ रघुनाथ।।6।।
RCM 6.6.11
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
सुत कहुँ राज समर्पि बन जाइ भजिअ रघुनाथ।।6।।
RCM 6.6.11
सुत कहुँ राज समर्पि बन जाइ भजिअ रघुनाथ।।6।।