नाथ बयरु कीजे ताही सों। बुधि बल सकिअ जीति जाही सों।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
नाथ बयरु कीजे ताही सों। बुधि बल सकिअ जीति जाही सों।।
RCM 6.6.5
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
नाथ बयरु कीजे ताही सों। बुधि बल सकिअ जीति जाही सों।।
RCM 6.6.5
नाथ बयरु कीजे ताही सों। बुधि बल सकिअ जीति जाही सों।।