चरन नाइ सिरु अंचलु रोपा। सुनहु बचन पिय परिहरि कोपा।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
चरन नाइ सिरु अंचलु रोपा। सुनहु बचन पिय परिहरि कोपा।।
RCM 6.6.4
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
चरन नाइ सिरु अंचलु रोपा। सुनहु बचन पिय परिहरि कोपा।।
RCM 6.6.4
चरन नाइ सिरु अंचलु रोपा। सुनहु बचन पिय परिहरि कोपा।।