खाहिं मधुर फल बटप हलावहिं। लंका सन्मुख सिखर चलावहिं।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
खाहिं मधुर फल बटप हलावहिं। लंका सन्मुख सिखर चलावहिं।।
RCM 6.5.6
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
खाहिं मधुर फल बटप हलावहिं। लंका सन्मुख सिखर चलावहिं।।
RCM 6.5.6
खाहिं मधुर फल बटप हलावहिं। लंका सन्मुख सिखर चलावहिं।।