सब तरु फरे राम हित लागी। रितु अरु कुरितु काल गति त्यागी।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
सब तरु फरे राम हित लागी। रितु अरु कुरितु काल गति त्यागी।।
RCM 6.5.5
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
सब तरु फरे राम हित लागी। रितु अरु कुरितु काल गति त्यागी।।
RCM 6.5.5
सब तरु फरे राम हित लागी। रितु अरु कुरितु काल गति त्यागी।।