खाहु जाइ फल मूल सुहाए। सुनत भालु कपि जहँ तहँ धाए।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
खाहु जाइ फल मूल सुहाए। सुनत भालु कपि जहँ तहँ धाए।।
RCM 6.5.4
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
खाहु जाइ फल मूल सुहाए। सुनत भालु कपि जहँ तहँ धाए।।
RCM 6.5.4
खाहु जाइ फल मूल सुहाए। सुनत भालु कपि जहँ तहँ धाए।।