सेतुबंध ढिग चढ़ि रघुराई। चितव कृपाल सिंधु बहुताई।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
सेतुबंध ढिग चढ़ि रघुराई। चितव कृपाल सिंधु बहुताई।।
RCM 6.4.3
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
सेतुबंध ढिग चढ़ि रघुराई। चितव कृपाल सिंधु बहुताई।।
RCM 6.4.3
सेतुबंध ढिग चढ़ि रघुराई। चितव कृपाल सिंधु बहुताई।।