सिव द्रोही मम भगत कहावा। सो नर सपनेहुँ मोहि न पावा।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
सिव द्रोही मम भगत कहावा। सो नर सपनेहुँ मोहि न पावा।।
RCM 6.2.7
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
सिव द्रोही मम भगत कहावा। सो नर सपनेहुँ मोहि न पावा।।
RCM 6.2.7
सिव द्रोही मम भगत कहावा। सो नर सपनेहुँ मोहि न पावा।।