लिंग थापि बिधिवत करि पूजा। सिव समान प्रिय मोहि न दूजा।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
लिंग थापि बिधिवत करि पूजा। सिव समान प्रिय मोहि न दूजा।।
RCM 6.2.6
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
लिंग थापि बिधिवत करि पूजा। सिव समान प्रिय मोहि न दूजा।।
RCM 6.2.6
लिंग थापि बिधिवत करि पूजा। सिव समान प्रिय मोहि न दूजा।।