राम प्रताप सुमिरि मन माहीं। करहु सेतु प्रयास कछु नाहीं।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
राम प्रताप सुमिरि मन माहीं। करहु सेतु प्रयास कछु नाहीं।।
RCM 6.1.6
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
राम प्रताप सुमिरि मन माहीं। करहु सेतु प्रयास कछु नाहीं।।
RCM 6.1.6
राम प्रताप सुमिरि मन माहीं। करहु सेतु प्रयास कछु नाहीं।।