सठ सूने हरि आनेहि मोहि। अधम निलज्ज लाज नहिं तोही।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
सठ सूने हरि आनेहि मोहि। अधम निलज्ज लाज नहिं तोही।।
RCM 5.9.9
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
सठ सूने हरि आनेहि मोहि। अधम निलज्ज लाज नहिं तोही।।
RCM 5.9.9
सठ सूने हरि आनेहि मोहि। अधम निलज्ज लाज नहिं तोही।।