तव अनुचरीं करउँ पन मोरा। एक बार बिलोकु मम ओरा।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
तव अनुचरीं करउँ पन मोरा। एक बार बिलोकु मम ओरा।।
RCM 5.9.5
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
तव अनुचरीं करउँ पन मोरा। एक बार बिलोकु मम ओरा।।
RCM 5.9.5
तव अनुचरीं करउँ पन मोरा। एक बार बिलोकु मम ओरा।।