कृस तन सीस जटा एक बेनी। जपति हृदयँ रघुपति गुन श्रेनी।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
कृस तन सीस जटा एक बेनी। जपति हृदयँ रघुपति गुन श्रेनी।।
RCM 5.8.8
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
कृस तन सीस जटा एक बेनी। जपति हृदयँ रघुपति गुन श्रेनी।।
RCM 5.8.8
कृस तन सीस जटा एक बेनी। जपति हृदयँ रघुपति गुन श्रेनी।।