जुगुति बिभीषन सकल सुनाई। चलेउ पवनसुत बिदा कराई।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
जुगुति बिभीषन सकल सुनाई। चलेउ पवनसुत बिदा कराई।।
RCM 5.8.5
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
जुगुति बिभीषन सकल सुनाई। चलेउ पवनसुत बिदा कराई।।
RCM 5.8.5
जुगुति बिभीषन सकल सुनाई। चलेउ पवनसुत बिदा कराई।।