पुनि सब कथा बिभीषन कही। जेहि बिधि जनकसुता तहँ रही।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
पुनि सब कथा बिभीषन कही। जेहि बिधि जनकसुता तहँ रही।।
RCM 5.8.3
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
पुनि सब कथा बिभीषन कही। जेहि बिधि जनकसुता तहँ रही।।
RCM 5.8.3
पुनि सब कथा बिभीषन कही। जेहि बिधि जनकसुता तहँ रही।।