कीन्ही कृपा सुमिरि गुन भरे बिलोचन नीर।।7।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
कीन्ही कृपा सुमिरि गुन भरे बिलोचन नीर।।7।।
RCM 5.7.10
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
कीन्ही कृपा सुमिरि गुन भरे बिलोचन नीर।।7।।
RCM 5.7.10
कीन्ही कृपा सुमिरि गुन भरे बिलोचन नीर।।7।।