तामस तनु कछु साधन नाहीं। प्रीति न पद सरोज मन माहीं।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
तामस तनु कछु साधन नाहीं। प्रीति न पद सरोज मन माहीं।।
RCM 5.7.3
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
तामस तनु कछु साधन नाहीं। प्रीति न पद सरोज मन माहीं।।
RCM 5.7.3
तामस तनु कछु साधन नाहीं। प्रीति न पद सरोज मन माहीं।।