करि प्रनाम पूँछी कुसलाई। बिप्र कहहु निज कथा बुझाई।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
करि प्रनाम पूँछी कुसलाई। बिप्र कहहु निज कथा बुझाई।।
RCM 5.6.6
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
करि प्रनाम पूँछी कुसलाई। बिप्र कहहु निज कथा बुझाई।।
RCM 5.6.6
करि प्रनाम पूँछी कुसलाई। बिप्र कहहु निज कथा बुझाई।।