बिप्र रुप धरि बचन सुनाए। सुनत बिभीषण उठि तहँ आए।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
बिप्र रुप धरि बचन सुनाए। सुनत बिभीषण उठि तहँ आए।।
RCM 5.6.5
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
बिप्र रुप धरि बचन सुनाए। सुनत बिभीषण उठि तहँ आए।।
RCM 5.6.5
बिप्र रुप धरि बचन सुनाए। सुनत बिभीषण उठि तहँ आए।।