एहि सन हठि करिहउँ पहिचानी। साधु ते होइ न कारज हानी।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
एहि सन हठि करिहउँ पहिचानी। साधु ते होइ न कारज हानी।।
RCM 5.6.4
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
एहि सन हठि करिहउँ पहिचानी। साधु ते होइ न कारज हानी।।
RCM 5.6.4
एहि सन हठि करिहउँ पहिचानी। साधु ते होइ न कारज हानी।।