मन महुँ तरक करै कपि लागा। तेहीं समय बिभीषनु जागा।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
मन महुँ तरक करै कपि लागा। तेहीं समय बिभीषनु जागा।।
RCM 5.6.2
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
मन महुँ तरक करै कपि लागा। तेहीं समय बिभीषनु जागा।।
RCM 5.6.2
मन महुँ तरक करै कपि लागा। तेहीं समय बिभीषनु जागा।।