भवन एक पुनि दीख सुहावा। हरि मंदिर तहँ भिन्न बनावा।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
भवन एक पुनि दीख सुहावा। हरि मंदिर तहँ भिन्न बनावा।।
RCM 5.5.8
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
भवन एक पुनि दीख सुहावा। हरि मंदिर तहँ भिन्न बनावा।।
RCM 5.5.8
भवन एक पुनि दीख सुहावा। हरि मंदिर तहँ भिन्न बनावा।।