सयन किए देखा कपि तेही। मंदिर महुँ न दीखि बैदेही।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
सयन किए देखा कपि तेही। मंदिर महुँ न दीखि बैदेही।।
RCM 5.5.7
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
सयन किए देखा कपि तेही। मंदिर महुँ न दीखि बैदेही।।
RCM 5.5.7
सयन किए देखा कपि तेही। मंदिर महुँ न दीखि बैदेही।।