प्रबिसि नगर कीजे सब काजा। हृदयँ राखि कौसलपुर राजा।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
प्रबिसि नगर कीजे सब काजा। हृदयँ राखि कौसलपुर राजा।।
RCM 5.5.1
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
प्रबिसि नगर कीजे सब काजा। हृदयँ राखि कौसलपुर राजा।।
RCM 5.5.1
प्रबिसि नगर कीजे सब काजा। हृदयँ राखि कौसलपुर राजा।।