तात मोर अति पुन्य बहूता। देखेउँ नयन राम कर दूता।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
तात मोर अति पुन्य बहूता। देखेउँ नयन राम कर दूता।।
RCM 5.4.8
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
तात मोर अति पुन्य बहूता। देखेउँ नयन राम कर दूता।।
RCM 5.4.8
तात मोर अति पुन्य बहूता। देखेउँ नयन राम कर दूता।।