जानेहि नहीं मरमु सठ मोरा। मोर अहार जहाँ लगि चोरा।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
जानेहि नहीं मरमु सठ मोरा। मोर अहार जहाँ लगि चोरा।।
RCM 5.4.3
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
जानेहि नहीं मरमु सठ मोरा। मोर अहार जहाँ लगि चोरा।।
RCM 5.4.3
जानेहि नहीं मरमु सठ मोरा। मोर अहार जहाँ लगि चोरा।।