नाम लंकिनी एक निसिचरी। सो कह चलेसि मोहि निंदरी।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
नाम लंकिनी एक निसिचरी। सो कह चलेसि मोहि निंदरी।।
RCM 5.4.2
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
नाम लंकिनी एक निसिचरी। सो कह चलेसि मोहि निंदरी।।
RCM 5.4.2
नाम लंकिनी एक निसिचरी। सो कह चलेसि मोहि निंदरी।।