नर नाग सुर गंधर्ब कन्या रूप मुनि मन मोहहीं।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
नर नाग सुर गंधर्ब कन्या रूप मुनि मन मोहहीं।।
RCM 5.3.17
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
नर नाग सुर गंधर्ब कन्या रूप मुनि मन मोहहीं।।
RCM 5.3.17
नर नाग सुर गंधर्ब कन्या रूप मुनि मन मोहहीं।।