सत जोजन तेहिं आनन कीन्हा। अति लघु रूप पवनसुत लीन्हा।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
सत जोजन तेहिं आनन कीन्हा। अति लघु रूप पवनसुत लीन्हा।।
RCM 5.2.10
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
सत जोजन तेहिं आनन कीन्हा। अति लघु रूप पवनसुत लीन्हा।।
RCM 5.2.10
सत जोजन तेहिं आनन कीन्हा। अति लघु रूप पवनसुत लीन्हा।।