राम काजु कीन्हें बिनु मोहि कहाँ बिश्राम।।1।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
राम काजु कीन्हें बिनु मोहि कहाँ बिश्राम।।1।।
RCM 5.1.11
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
राम काजु कीन्हें बिनु मोहि कहाँ बिश्राम।।1।।
RCM 5.1.11
राम काजु कीन्हें बिनु मोहि कहाँ बिश्राम।।1।।