जिमि अमोघ रघुपति कर बाना। एही भाँति चलेउ हनुमाना।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
जिमि अमोघ रघुपति कर बाना। एही भाँति चलेउ हनुमाना।।
RCM 5.1.8
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
जिमि अमोघ रघुपति कर बाना। एही भाँति चलेउ हनुमाना।।
RCM 5.1.8
जिमि अमोघ रघुपति कर बाना। एही भाँति चलेउ हनुमाना।।