जब लगि आवौं सीतहि देखी। होइहि काजु मोहि हरष बिसेषी।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
जब लगि आवौं सीतहि देखी। होइहि काजु मोहि हरष बिसेषी।।
RCM 5.1.3
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
जब लगि आवौं सीतहि देखी। होइहि काजु मोहि हरष बिसेषी।।
RCM 5.1.3
जब लगि आवौं सीतहि देखी। होइहि काजु मोहि हरष बिसेषी।।