रिषि निकाय मुनिबर गति देखि। सुखी भए निज हृदयँ बिसेषी।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
रिषि निकाय मुनिबर गति देखि। सुखी भए निज हृदयँ बिसेषी।।
RCM 3.9.3
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
रिषि निकाय मुनिबर गति देखि। सुखी भए निज हृदयँ बिसेषी।।
RCM 3.9.3
रिषि निकाय मुनिबर गति देखि। सुखी भए निज हृदयँ बिसेषी।।