अस कहि जोग अगिनि तनु जारा। राम कृपाँ बैकुंठ सिधारा।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
अस कहि जोग अगिनि तनु जारा। राम कृपाँ बैकुंठ सिधारा।।
RCM 3.9.1
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
अस कहि जोग अगिनि तनु जारा। राम कृपाँ बैकुंठ सिधारा।।
RCM 3.9.1
अस कहि जोग अगिनि तनु जारा। राम कृपाँ बैकुंठ सिधारा।।