सो कछु देव न मोहि निहोरा। निज पन राखेउ जन मन चोरा।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
सो कछु देव न मोहि निहोरा। निज पन राखेउ जन मन चोरा।।
RCM 3.8.5
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
सो कछु देव न मोहि निहोरा। निज पन राखेउ जन मन चोरा।।
RCM 3.8.5
सो कछु देव न मोहि निहोरा। निज पन राखेउ जन मन चोरा।।