नाथ सकल साधन मैं हीना। कीन्ही कृपा जानि जन दीना।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
नाथ सकल साधन मैं हीना। कीन्ही कृपा जानि जन दीना।।
RCM 3.8.4
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
नाथ सकल साधन मैं हीना। कीन्ही कृपा जानि जन दीना।।
RCM 3.8.4
नाथ सकल साधन मैं हीना। कीन्ही कृपा जानि जन दीना।।