मिला असुर बिराध मग जाता। आवतहीं रघुवीर निपाता।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
मिला असुर बिराध मग जाता। आवतहीं रघुवीर निपाता।।
RCM 3.7.6
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
मिला असुर बिराध मग जाता। आवतहीं रघुवीर निपाता।।
RCM 3.7.6
मिला असुर बिराध मग जाता। आवतहीं रघुवीर निपाता।।