उमय बीच श्री सोहइ कैसी। ब्रह्म जीव बिच माया जैसी।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
उमय बीच श्री सोहइ कैसी। ब्रह्म जीव बिच माया जैसी।।
RCM 3.7.3
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
उमय बीच श्री सोहइ कैसी। ब्रह्म जीव बिच माया जैसी।।
RCM 3.7.3
उमय बीच श्री सोहइ कैसी। ब्रह्म जीव बिच माया जैसी।।