मन ग्यान गुन गोतीत प्रभु मैं दीख जप तप का किए।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
मन ग्यान गुन गोतीत प्रभु मैं दीख जप तप का किए।।
RCM 3.6.12
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
मन ग्यान गुन गोतीत प्रभु मैं दीख जप तप का किए।।
RCM 3.6.12
मन ग्यान गुन गोतीत प्रभु मैं दीख जप तप का किए।।