तन पुलक निर्भर प्रेम पुरन नयन मुख पंकज दिए।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
तन पुलक निर्भर प्रेम पुरन नयन मुख पंकज दिए।
RCM 3.6.11
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
तन पुलक निर्भर प्रेम पुरन नयन मुख पंकज दिए।
RCM 3.6.11
तन पुलक निर्भर प्रेम पुरन नयन मुख पंकज दिए।