तोहि प्रानप्रिय राम कहिउँ कथा संसार हित।।5(ख)।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
तोहि प्रानप्रिय राम कहिउँ कथा संसार हित।।5(ख)।।
RCM 3.5.23
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
तोहि प्रानप्रिय राम कहिउँ कथा संसार हित।।5(ख)।।
RCM 3.5.23
तोहि प्रानप्रिय राम कहिउँ कथा संसार हित।।5(ख)।।