जग पति ब्रता चारि बिधि अहहिं। बेद पुरान संत सब कहहिं।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
जग पति ब्रता चारि बिधि अहहिं। बेद पुरान संत सब कहहिं।।
RCM 3.5.11
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
जग पति ब्रता चारि बिधि अहहिं। बेद पुरान संत सब कहहिं।।
RCM 3.5.11
जग पति ब्रता चारि बिधि अहहिं। बेद पुरान संत सब कहहिं।।