अमित दानि भर्ता बयदेही। अधम सो नारि जो सेव न तेही।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
अमित दानि भर्ता बयदेही। अधम सो नारि जो सेव न तेही।।
RCM 3.5.6
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
अमित दानि भर्ता बयदेही। अधम सो नारि जो सेव न तेही।।
RCM 3.5.6
अमित दानि भर्ता बयदेही। अधम सो नारि जो सेव न तेही।।