अनुसुइया के पद गहि सीता। मिली बहोरि सुसील बिनीता।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
अनुसुइया के पद गहि सीता। मिली बहोरि सुसील बिनीता।।
RCM 3.5.1
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
अनुसुइया के पद गहि सीता। मिली बहोरि सुसील बिनीता।।
RCM 3.5.1
अनुसुइया के पद गहि सीता। मिली बहोरि सुसील बिनीता।।