सुनि कृपाल अति आरत बानी। एकनयन करि तजा भवानी।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
सुनि कृपाल अति आरत बानी। एकनयन करि तजा भवानी।।
RCM 3.2.14
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
सुनि कृपाल अति आरत बानी। एकनयन करि तजा भवानी।।
RCM 3.2.14
सुनि कृपाल अति आरत बानी। एकनयन करि तजा भवानी।।