निज कृत कर्म जनित फल पायउँ। अब प्रभु पाहि सरन तकि आयउँ।।
Ramcharitmanas
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
निज कृत कर्म जनित फल पायउँ। अब प्रभु पाहि सरन तकि आयउँ।।
RCM 3.2.13
श्रीरामचरितमानस
मूल श्लोकः
निज कृत कर्म जनित फल पायउँ। अब प्रभु पाहि सरन तकि आयउँ।।
RCM 3.2.13
निज कृत कर्म जनित फल पायउँ। अब प्रभु पाहि सरन तकि आयउँ।।